टनकपुर/ सचिव जिला विधिक प्राधिकरण चम्पावत के निर्देशानुसार अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के उपलक्ष में महात्मा गाँधी प्राथमिक विद्यालय , और राजकीय बालिका विद्यालय टनकपुर मे पीएलवी बिजेंद्र अग्रवाल और किरण गाहतोड़ी द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया, पीएलवी मित्र बिजेंद्र अग्रवाल ने विधर्थियों को बताया की मानवाधिकार संरक्षण के लिहाज से 10 दिसंबर के दिन का खास महत्व है। इस दिन को 'अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस’ के तौर पर मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र ने 1950 में 10 दिसंबर को मानवाधिकार दिवस घोषित किया था, जिसका उद्देश्य विश्वभर के लोगों को मानवाधिकारों के महत्व के प्रति जागरूक करना और इसके पालन के प्रति सजग रहने का संदेश देना है। भारत मे 1993 को मानवाधिकार आयोग का गठन हुआ, और बताया की इंसानी अधिकारों को पहचान देने और वजूद को अस्तित्व मे लाने के लिए हर लड़ाई को ताकत देने के लिए हर साल 10 दिसम्बर को अंतरष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस मनाया जाता है, बताया की भारतीय संविधान न केवल मौलिक अधिकारों की गारंटी देता है बल्कि इसके उलंघन होने पर अदालत द्वारा सजा भी देता है, बताया की आयोग के कार्य क्षेत्र मे नागरिक, राजनितिक, आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, अधिकार भी आते है, इसमें प्रमुख तौर पर बाल मजदूरी, एच आईवी, एड्स, स्वास्थ्य, भोजन, बाल विवाह, महिला अधिकार, पुलिस हिरासत, और एनकाउंटर मे होने वाली मौत, अल्पसंख्यक, अनुसूचित जाति, जनजाति के अधिकार भी शामिल है, पीएलवी किरण गहतोड़ी ने बताया की हम किस प्रकार, बाल श्रम, महिला उत्पीड़न, एसिड अटैक, भिक्षावृत्ति रोकने, बालविवाह रोकने,की दिशा मे काम कर सकते है साथ ही छात्र छात्राओं को बताया की उन्हें धार्मिक स्वतंत्रता, काम की स्वतंत्रता, व्यापार की स्वतंत्रता, जीवन जीने की स्वतंत्रता,दासता से मुक्ति की स्वतंत्रता, शिक्षा एवं भोजन की स्वतंत्रता, अत्याचार से आजादी और न्याय पाने की स्वतंत्रता है। इस मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य देवी दत्त जोशी और शिक्षक एवं शिक्षिकाएं मौजूद रहे ।