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: मानेश्वर डंपिंग जोन में भारी मात्रा में दवाईयां फेंक कर उन्हें किया गया आग के हवाले, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मचा हड़कंप

admin

Thu, Sep 26, 2024

■■ यह दवाएं कहां से आई ? किसकी थी? इस मामले की जांच का होना बना अहम सवाल

चंपावत। गणेश दत्त पांडे /मानेश्वर डंपिंग जोन में भारी मात्रा में दवाईयां फैक कर उन्हें आग के हवाले किए जाने की घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। दवाओं को आग के हवाले करने से पूर्व वायरल हुए वीडियो से यह संकेत मिलता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न एजेंसीयों एवं फाउंडेशनों द्वारा लगाई जा रहे शिविरों में यह दवाईयां आम लोगों तक न पहुंचकर उनका डंपिंग जोन में निस्तारण किया गया है। हालांकि सीएमओ डॉ देवेश चौहान का कहना है की घटना की खबर वायरल होने के साथ ही उन्होंने संज्ञान लेकर जांच कराई है। उन्होंने कहा कि यह दवाईया सरकारी स्टोर से जारी नहीं होती है। इससे स्पष्ट है कि यह दवाएं अन्य एजेंसियों की ही होगी। बताया जाता है कि जिले में कई एजेंसियां व फाउंडेशन द्वारा की जाने वाली निःशुल्क चिकित्सा शिविरों में डॉक्टर नहीं होते हैं और डॉक्टरों के अभाव में इन शिविरों में दवाएं बचना स्वाभाविक है। उससे इस शंका को भी बल मिल जाता है कि रोगियों को केवल कागजों में ही दवाई बांटी गई होगी।
फैंकी गई दवाईयों में तमाम एक्सपायरी भी नहीं है। आखिर दवाओं को फेंकने की जरूरत क्यों हुई होगी ? दवा विक्रेता बगैर एक्सपायरी के फेंकते भी नहीं है। फिर एक्सपायरी दवाओं को ऐसे खुले में फेकने का भी कोई नियम नहीं है। यह दवाईयां किसकी थी ? किसने फेंकी ? और क्यों खुले में फेकने की नोबत आई ? इन सवालो का उत्तर ढुढने के लिए जांच किया जाना आवश्यक है। इसी के साथ जिले के स्वास्थ्य विभाग के अधीन ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य कर रहे एनजीओ पर भी नजर रखना जरूरी है। क्या इनका कार्य सही ढंग से चल रहा है ? जिससे वास्तव में ग्रामीण क्षेत्र की जनता को लाभ मिल रहा होगा ।

फोटो - ऐसी फेंकी गई थी डंपिंग जोन में दवाएं।

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