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🚨 BREAKING EXCLUSIVE टनकपुर रोडवेज में अफरा-तफरी! 24 बसें ऑफ रोड, : AGM पर मुख्यालय को गुमराह करने का गंभीर आरोप

Abid Hussain

Fri, Feb 6, 2026

■■ कर्मचारी परिषद का अल्टीमेटम – 12 फरवरी तक समाधान नहीं तो 13 से अनिश्चितकालीन धरना

टनकपुर रोडवेज डिपो में हालात बेकाबू होते नजर आ रहे हैं। मान्यता प्राप्त रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद, उत्तराखण्ड ने सहायक महाप्रबंधक (संचालन) टनकपुर पर कर्मचारी समस्याओं की अनदेखी, जानबूझकर बसों को ऑफ रोड रखने और निगम मुख्यालय को भ्रामक रिपोर्ट भेजने जैसे बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।

संगठन के शाखा अध्यक्ष कौशल कनार्टक और शाखा मंत्री पंकज पंत द्वारा जारी नोटिस ने निगम प्रबंधन में हड़कंप मचा दिया है।

 बैटरी स्टॉक में मौजूद, फिर भी बसें खड़ी!

संगठन का दावा है कि डिपो में कई बसों को “बैटरी नहीं है” का बहाना बनाकर ऑफ रोड दिखाया गया, जबकि मंडल स्टोर की स्टॉक पंजिका में 06 फरवरी 2026 को 60 बैटरियाँ उपलब्ध दर्ज हैं।

इसके बावजूद बस संख्या 4296, 4258, 4311, 4432 को ऑफ रोड रखना सीधे-सीधे कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।

हरिद्वार में 6 दिन से खड़ी बस, जानबूझकर लापरवाही?

टनकपुर डिपो की बस संख्या 1726 पिछले 6 दिनों से हरिद्वार में ब्रेकडाउन है। परिषद का कहना है कि यदि चाहें तो AGM हरिद्वार डिपो से ही मरम्मत कराकर बस को ऑन रोड करवा सकते थे, लेकिन कोई प्रयास नहीं किया गया।

 मुख्यालय को गलत रिपोर्टिंग का आरोप

सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि निगम मुख्यालय को मात्र 7 बसें ऑफ रोड बताई गईं, जबकि वास्तविक संख्या 24 बसों की पाई गई।

संगठन का आरोप है कि यह जानबूझकर की गई गुमराह करने वाली रिपोर्टिंग है, जो निगम हितों के बिल्कुल विपरीत है।

 “सेवानिवृत्ति का इंतजार, निगम हित से दूरी”

कर्मचारी परिषद ने तीखे शब्दों में कहा है कि ऐसा प्रतीत होता है कि AGM डिपो सुधारने के बजाय केवल सेवानिवृत्ति का समय काट रहे हैं, जबकि टनकपुर डिपो में बसें साल भर से ऑफ रोड खड़ी हैं और कर्मचारी समस्याओं से जूझ रहे हैं।

 12 फरवरी तक अल्टीमेटम, 13 से धरना तय

परिषद ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 12 फरवरी 2026 तक ऑफ रोड बसों को ऑन रोड नहीं किया गया साथ ही कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआतो 13 फरवरी 2026 से AGM कार्यालय में धरना प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।साथ ही चेताया गया है कि यदि धरने से पहले किसी भी पदाधिकारी या सदस्य पर उत्पीड़नात्मक कार्रवाई की गई, तो आंदोलन तत्काल प्रभाव से शुरू होगा।

धरने से उत्पन्न किसी भी औद्योगिक अशांति की जिम्मेदारी सीधे निगम प्रबंधन की होगी। इस नोटिस की प्रतिलिपि महाप्रबंधक, मंडलीय प्रबंधक, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, उप जिलाधिकारी समेत संगठन के प्रांतीय पदाधिकारियों के साथ मीडिया संस्थानों को भेज दी गई है। वहीं सहायक महाप्रबंधक संचालक ने टनकपुर रोडवेज डिपो में कर्मचारी संगठन द्वारा लगाए गए आरोपों पर संगठन के दावों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया है।

●●● EXCLUSIVE सवाल

▪️ जब बैटरी स्टॉक में है तो बसें ऑफ रोड क्यों?

▪️ मुख्यालय को गलत आंकड़े क्यों भेजे गए?

▪️ क्या टनकपुर डिपो में जानबूझकर संचालन प्रभावित किया जा रहा है?

■ टनकपुर रोडवेज की यह लड़ाई अब आंदोलन की दहलीज पर है।

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अधिकारियों की लापरवाही

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