हादसे के बीच चार युवाओं की सतर्कता बनी घायलों के लिए जीवनरक्षक : मोहम्मद यामीन बोले—ऐसे युवाओं को मिलना चाहिए सम्मान
Abid Hussain
Wed, Apr 15, 2026
टनकपुर। खटीमा मार्ग पर हुए भीषण सड़क हादसे के बीच चार जागरूक युवाओं की सूझबूझ और तत्परता घायलों के लिए किसी फरिश्ते से कम साबित नहीं हुई। जहां एक ओर घटनास्थल पर अफरा-तफरी और भीड़ का माहौल था, वहीं दूसरी ओर इन युवाओं की समझदारी ने समय रहते हालात को संभाल लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद मौके पर भारी संख्या में लोग जुट गए थे, लेकिन तत्काल सहायता और सूचना के अभाव में स्थिति बिगड़ने की आशंका बनी हुई थी। इसी दौरान वहां से गुजर रहे मुजीबुर रहमान के बेटे आदिल रहमान और उनके छोटे भाई अमीम रहमान, जो दुकान बंद कर अपने घर लौट रहे थे, ने जैसे ही दुर्घटना देखी, बिना समय गंवाए सक्रियता दिखाई।
दोनों भाइयों ने तुरंत स्थानीय पत्रकार आबिद सिद्दीकी को घटना की सूचना दी। इसके साथ ही मौके पर मौजूद भावित भट्ट और कुमुद जोशी ने भी तत्परता दिखाते हुए स्थिति को संभालने, भीड़ को व्यवस्थित करने और घायलों की मदद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इन सभी की त्वरित पहल के चलते हादसे की जानकारी तेजी से संबंधित लोगों और जिम्मेदार तंत्र तक पहुंची। परिणामस्वरूप घायलों को समय रहते अस्पताल पहुंचाया जा सका। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सूचना और मदद में थोड़ी भी देरी होती, तो घायलों की हालत और गंभीर हो सकती थी।
स्थानीय लोगों ने आदिल और अमीम रहमान के साथ-साथ भावित भट्ट और कुमुद जोशी की मानवता, साहस और जिम्मेदारी की जमकर सराहना की है। लोगों का कहना है कि ऐसे जागरूक और संवेदनशील नागरिक ही समाज के लिए प्रेरणा बनते हैं और संकट की घड़ी में दूसरों के लिए सहारा साबित होते हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद यामीन ने इन युवकों के साहसिक प्रयास की सराहना करते हुए जिला प्रशासन से इन्हें सम्मानित करने की पुरजोर मांग की है।
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दमदार मिसाल