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पूर्व विधायक हेमेश खर्कवाल के नेतृत्व में पीड़ितों ने निकाला मौन जुलूस ■
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पीड़ितो ने बताया कि लोग कई वर्षों से देते आ रहे हैं। हाउस टैक्स, पानी का बिल बिजली का बिल
टनकपुर/ रेलवे विभाग द्वारा अतिक्रमण के नाम पर की गई कार्रवाई से स्थानीय पीड़ित लोग खासे नाराज हैं। आज रविवार को क्षेत्र के लगभग 200 से अधिक पीड़ित लोगों ने पूर्व विधायक हेमेश खर्कवाल के नेतृत्व में नगर क्षेत्र में मौन जुलूस निकालकर मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को भेजा है।
मौन जुलूस के दौरान गांव का विकास न की विकास, हमें बेघर करने का फरमान वापस लो, वापस लो, पहले पुनर्वास फिर विकास, आदि स्लोगनों से लिखी तख्ती हाथ में लेकर चल रहे थे। पीड़ितों ने बताया कि रेलवे विभाग उनके पक्के घरों पर बुलडोजर की कार्रवाई कर उन सभी को बेघर करने की कार्रवाई कर रहा है। जबकि वे सभी कई वर्षों से यहां पर निवास करते आ रहे हैं।
बताया कि कई दशक पहले हुए भीषण अग्निकांड के समय तत्कालीन मुख्यमंत्री एन.डी. तिवारी द्वारा इन पीड़ित परिवारों को बसाया गया था।
पीड़ित लोगों द्वारा कहा गया कि रेलवे विभाग द्वारा विधानसभा चम्पावत के टनकपुर में अनेकों वर्षों से बसे लगभग 200 से ज्यादा घरों को तोड़कर एक बड़ी आबादी को बेघर किया जा रहा है । जो कि अत्यंत चिंतनीय विषय है ।
पीड़ित परिवारों ने इस संबंध में रेलवे विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा कि रेलवे विभाग ने अपना गजट नोटिफिकेशन आज तक प्रस्तुत नही किया । उन्होंने रेलवे के नक्शे को बंदोबस्ती के नक्से से मिलान करने की भी बात कही है।
उक्त जगह पर निवास कर रहे अनेकों परिवार है जिन्हें लगभग 4 दशक पहले अग्निकांड के समय तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. डी. तिवारी द्वारा इन सभी पीड़ित परिवारों को बसाया गया जो आज भी स्थापित है । यह सभी पीड़ित परिवार नगरपालिका परिषद टनकपुर को हाउस टैक्स , वाटर टैक्स , एवं बिजली बिल भुगतान करते आ रहे हैं ।
बताया गया कि रेलवे स्टेसन का मुख्य द्वार पर बना स्वागत द्वार जोकि स्टेशन रोड से काफी अंदर स्थित है । जिसे नापने पर बसे समस्त परिवारो के घर रेलवे की सीमा से काफी बाहर है ।जो नगर पालिका की चुंगी की सीमा से लगा है।
इस संबंध में पीड़ितों ने मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार से उक्त मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए , समस्त 200 से अधिक परिवारों के साथ न्याय करवाने की अपील की है। जुलूस के दौरान पूर्व विधायक हेमेश खर्कवाल, गंगा गिरी गोस्वामी, सुरेंद्र गुप्ता, बॉबी भट्ट, दिनेश चंद्र शास्त्री, संगीता शर्मा, तौसीफ अहमद, शमीम अहमद, दिलदार, मंगल सिंह, नरेंद्र सिंह नेगी, मुस्तफा हसन, अंकित सक्सेना, देवेंद्र सिंह, लक्ष्मी भट्ट, रमेश उप्रेती, सहित 200 से अधिक पीड़ित लोग शामिल रहे।