टनकपुर न्यायालय का सख्त रुख—दूसरी चोरी में पकड़े जाने पर खत्म की गई : परिवीक्षा, बीमारी का दावा भी निकला झूठा
Abid Hussain
Sat, May 2, 2026
टनकपुर न्यायालय का सख्त रुख—दूसरी चोरी में पकड़े जाने पर खत्म की गई परिवीक्षा, बीमारी का दावा भी निकला झूठा
टनकपुर। न्यायिक मजिस्ट्रेट काजल रानी की अदालत ने एक अहम फैसले में आदतन चोरी के आरोपी मदन सिंह सामंत की परिवीक्षा समाप्त करते हुए उसे तीन वर्ष के कारावास और ₹5000 के अर्थदंड से दंडित किया है। यह मामला इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि अदालत ने परिवीक्षा का दुरुपयोग करने पर सख्त रुख अपनाया है।
सहायक अभियोजन अधिकारी गौरव अग्रवाल के अनुसार, अभियुक्त को नवंबर 2025 में चोरी के एक मामले में दोषी ठहराया गया था। हालांकि, उस समय उसके आपराधिक इतिहास को ध्यान में रखते हुए न्यायालय ने उसे एक वर्ष की परिवीक्षा पर रिहा कर दिया था, इस शर्त के साथ कि वह इस अवधि में कोई अपराध नहीं करेगा और सदाचार बनाए रखेगा।
लेकिन अभियुक्त ने न्यायालय के भरोसे को तोड़ते हुए मार्च 2026 में फिर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। टनकपुर पुलिस ने उसे बलवंत कुमार पांडे की दुकान से मोबाइल फोन चोरी करते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। उसके पास से चोरी का मोबाइल भी बरामद हुआ, जिसके बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में पिथौरागढ़ जेल भेज दिया गया।
इस घटनाक्रम के बाद अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर अभियुक्त की परिवीक्षा समाप्त करने और मूल सजा लागू करने की मांग की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
इस बीच, अभियुक्त ने दूसरी चोरी के मामले में जमानत के लिए आवेदन किया और खुद को टीबी से ग्रसित बताते हुए राहत की मांग की। न्यायालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मेडिकल परीक्षण के आदेश दिए। जेल प्रशासन द्वारा कराए गए परीक्षण में टीबी की पुष्टि नहीं हुई, जिसके बाद अदालत ने जमानत याचिका भी खारिज कर दी यह थाना टनकपुर का एक दुर्लभ मामला है, जिसमें आरोपी की परिवीक्षा अवधि को समाप्त कर उसे दोबारा जेल भेजा गया है। अदालत का यह फैसला साफ संदेश देता है कि कानून के साथ धोखा करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
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