एक पुकार, और मदद हाज़िर — गांव निवासी जावेद हुसैन की दरियादिली की : मिसाल
Abid Hussain
Sat, Dec 20, 2025
एक पुकार, और मदद हाज़िर — गांव निवासी जावेद हुसैन की दरियादिली की मिसाल
आबिद सिद्दीकी (टनकपुर)
टनकपुर/ गांव में अगर किसी का नाम निस्वार्थ सेवा, इंसानियत और संवेदना का पर्याय बन चुका है, तो वह हैं मनिहारगोठ निवासी जावेद हुसैन। जिनका कोई सानी नहीं। किसी की तबीयत बिगड़ी हो, हादसा हो या अचानक इलाज की ज़रूरत—एक आवाज़ लगाइए और जावेद हुसैन मदद के लिए पहुंच जाते हैं।
अब तक जावेद हुसैन ने गांव और आसपास के दर्जनों जरूरतमंद लोगों को बेहतर अस्पतालों तक पहुंचाकर उनका समुचित इलाज दिलवाया है, किसी से एक रुपया तक नहीं लिया। कई मामलों में उन्होंने अपने निजी संसाधनों से व्यवस्था कर मरीजों को बड़े शहरों के अस्पतालों तक पहुंचाया, तो कई बार रात-दिन की परवाह किए बिना खुद साथ रहकर इलाज कराया। उनके लिए सेवा कोई प्रचार का माध्यम नहीं, बल्कि इंसानियत की जिम्मेदारी है। गांववासियों का कहना है कि “आज के समय में जहां लोग मदद के नाम पर भी स्वार्थ देखते हैं, वहीं जावेद हुसैन बिना किसी स्वार्थ के हर जरूरतमंद के साथ खड़े नजर आते हैं।”
आपको बता दें जावेद हुसैन पुत्र सखावत हुसैन निवासी मनिहार गोठ जैसे लोग समाज के लिए प्रेरणा हैं। ऐसे सच्चे सेवाभावी व्यक्तित्व यह साबित करते हैं कि आज भी इंसानियत जिंदा है—बस उसे निभाने वाले हाथ चाहिए।
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