सुभाष चंद्र बोस हॉस्टल के पास कूड़े का अंबार, आवारा पशुओं का आतंक—नरक : बना लोगों का जीवन
Abid Hussain
Tue, Dec 23, 2025
सुभाष चंद्र बोस हॉस्टल के पास कूड़े का अंबार, आवारा पशुओं का आतंक—नरक बना लोगों का जीवन
टनकपुर/ नगर की लापरवाही एक बार फिर आमजन पर भारी पड़ रही है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस हॉस्टल के समीप कूड़े का भारी जमावड़ा क्षेत्रवासियों के लिए गंभीर संकट बन चुका है। चारों ओर फैली गंदगी, सड़ांध और उड़ते कचरे ने पूरे इलाके को बदबू और बीमारियों का केंद्र बना दिया है।
कूड़े के ढेर के चलते आवारा पशुओं का जमघट दिन-रात बना रहता है। गाय, कुत्ते और अन्य पशु सड़कों पर डेरा जमाए रहते हैं, जिससे राहगीरों, छात्रों और स्थानीय निवासियों का निकलना दूभर हो गया है। कई बार पशुओं के आपस में लड़ने और लोगों पर झपटने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, फिर भी जिम्मेदार विभाग आंख मूंदे बैठा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद कूड़ा फेंकने के स्थान को नहीं बदला जा रहा है। हॉस्टल क्षेत्र होने के कारण छात्र भी इस गंदगी और खतरे से त्रस्त हैं, लेकिन प्रशासन की संवेदनहीनता जस की तस बनी हुई है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि खुले कूड़े से संक्रमण और दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। मच्छर, मक्खियां और आवारा पशु मिलकर इस इलाके को बीमारी का अड्डा बना रहे हैं। सवाल यह है कि क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है?
क्षेत्रवासियों ने नगर प्रशासन से तत्काल कूड़ा हटाने, नियमित सफाई व्यवस्था लागू करने और आवारा पशुओं पर नियंत्रण की मांग की है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी नींद से जागते हैं या फिर लोगों को इसी गंदगी और खतरे में जीने के लिए मजबूर किया जाता रहेगा।
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