ज्ञानखेड़ा में अवैध उपखनिज कारोबार पर जिला प्रशासन का कड़ा प्रहार : अनुज्ञा शर्तों की धज्जियाँ उड़ाने पर ₹7.35 लाख का भारी अर्थदण्ड ठोका
Abid Hussain
Thu, Jan 1, 2026
टनकपुर/ जनपद चम्पावत के ग्राम ज्ञानखेड़ा (तहसील पूर्णागिरी) में अवैध उपखनिज परिवहन एवं भण्डारण के विरुद्ध जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। नियमों की खुलेआम अनदेखी और सरकारी निर्देशों की अवहेलना करने वाले उपखनिज रिटेल भण्डारण संचालकों पर ₹7.35 लाख से अधिक का अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया है।
जिला खान अधिकारी चित्रा जोशी ने बताया कि दिनांक 30 दिसम्बर 2024 को राजस्व विभाग एवं भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की संयुक्त टीम द्वारा स्वीकृत तीन उपखनिज रिटेल भण्डारण स्थलों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का नेतृत्व उपजिलाधिकारी आकाश जोशी द्वारा किया गया।
निरीक्षण के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि पाँच वर्ष की अवधि हेतु स्वीकृत तीनों भण्डारण स्थलों पर अनुज्ञा की मूलभूत शर्तों का घोर उल्लंघन किया गया है। न तो किसी स्थल पर अनिवार्य चाहरदीवारी/कवर्ड फेंसिंग का निर्माण किया गया था और न ही धर्मकांटा स्थापित पाया गया, जो नियमों के तहत अनिवार्य है।
स्थलीय पैमाईश में भारी अनियमितताएँ उजागर हुईं—
प्रथम स्थल पर जहाँ विभागीय रिकॉर्ड में 174.23 टन उपखनिज दर्ज था, मौके पर मात्र 09 टन पाया गया, जिससे अवैध परिवहन की पुष्टि हुई।
द्वितीय स्थल पर 3974.8 टन दर्ज उपखनिज के मुकाबले 3713.4 टन पाया गया, जो स्पष्ट रूप से अनधिकृत निकासी की ओर इशारा करता है।
वहीं तृतीय स्थल पर विभागीय आईडी में 3364.55 टन अंकित होने के बावजूद मौके पर 6537.6 टन उपखनिज पाया गया, जो अवैध भण्डारण का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
इन गंभीर अनियमितताओं को संज्ञान में लेते हुए उत्तराखण्ड खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भण्डारण का निवारण) (चतुर्थ संशोधन) नियमावली, 2024 के अंतर्गत दोषी संचालकों पर क्रमशः ₹32,964, ₹69,561 एवं ₹6,33,024 का अर्थदण्ड लगाया गया। कुल मिलाकर ₹7,35,549 (रूपये सात लाख पैंतीस हजार पाँच सौ उनचास मात्र) का भारी जुर्माना ठोका गया है।
जिला प्रशासन ने संबंधित भण्डारण संचालकों को अंतिम चेतावनी देते हुए निर्देशित किया है कि वे 15 दिवस के भीतर सभी भण्डारण स्थलों पर नियमानुसार उपखनिज भण्डारण की ऊँचाई से कम से कम 01 मीटर अधिक ऊँचाई की चाहरदीवारी/कवर्ड फेंसिंग का निर्माण कर धर्मकांटा स्थापित करें तथा इसकी सूचना फोटोग्राफ सहित भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग, चम्पावत को उपलब्ध कराएँ।
निर्देशों की अवहेलना की स्थिति में दोषियों के विरुद्ध और अधिक कठोर विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अवैध खनन, परिवहन और भण्डारण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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