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सस्ते चीनी अखरोट के नाम पर उपभोक्ताओं से छल, पहाड़ी बताकर बेचा जा रहा : विदेशी माल, बाजार में धडल्ले से चल रहा खेल प्रशासन मौन

Abid Hussain

Sun, Dec 21, 2025

टनकपुर/ चम्पावत/ जनपद के बाज़ारों में इन दिनों चीनी अखरोट की खुलेआम बिक्री ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हैरानी की बात यह है कि कई दुकानदार विदेशी और कम गुणवत्ता वाले चीनी अखरोट को कश्मीरी व पहाड़ी अखरोट बताकर ऊँचे दामों पर बेच रहे हैं, जिससे आम उपभोक्ता ठगा जा रहा है।

स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि दुकानों में बिक रहा अखरोट आकार में असामान्य रूप से बड़ा, रंग में सफेद और इतना मुलायम है कि हाथ से ही टूट जाता है। स्वाद में यह अखरोट फीका है और इसमें तेल की मात्रा बेहद कम पाई गई, जबकि पहाड़ी अखरोट पहचान में सख्त, गहरे रंग का और स्वाद में तैलीय होता है।

■■ सस्ते दाम का लालच, मुनाफ़े का बड़ा खेल

सूत्रों के अनुसार, चीनी अखरोट थोक में बेहद कम कीमत पर मंगाए जा रहे हैं, जिन्हें स्थानीय नाम देकर बाजार में खपाया जा रहा है। यही कारण है कि उपभोक्ताओं को सस्ते दाम का झांसा देकर या पहाड़ी बताकर दोगुने दाम वसूले जा रहे हैं। यह सीधे तौर पर उपभोक्ता संरक्षण कानून और खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है।

■■ पोषकता के नाम पर भ्रम

हालाँकि वैज्ञानिक रूप से चीनी अखरोट पूरी तरह नकली नहीं होते, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि बाजार में बिक रहे कई अखरोट पुराने स्टॉक, कम तेल वाले या घटिया श्रेणी के हैं। ऐसे अखरोट न तो स्वाद में खरे उतरते हैं और न ही पौष्टिकता में पहाड़ी अखरोट का मुकाबला कर पाते हैं।

■■ प्रशासनिक चुप्पी पर सवाल

सबसे बड़ा सवाल यह है कि खाद्य एवं उपभोक्ता विभाग की टीम आखिर कहां है?

क्या बाजार में बिक रहे अखरोट की गुणवत्ता की जांच हो रही है?

क्या दुकानदारों से माल का स्रोत और आयात से जुड़ा विवरण मांगा गया?

स्थानीय लोगों का आरोप है कि अब तक किसी भी दुकान पर न तो जांच हुई और न ही चेतावनी, जिससे मिलावटखोरों और मुनाफाखोरों के हौसले बुलंद हैं।

ऐसे करें खुद बचाव

अखरोट को पानी में डालकर परखें—अच्छा अखरोट डूबेगा।

बहुत सफेद, बड़े और आसानी से टूटने वाले अखरोट से सावधान रहें।

स्वाद में कड़वाहट या फीकेपन को नज़रअंदाज़ न करें।

दुकानदार से साफ पूछें—देशी या आयातित?

■■ जांच की मांग तेज

उपभोक्ताओं और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि प्रशासन तत्काल विशेष जांच अभियान चलाकर चीनी अखरोट को पहाड़ी बताकर बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई करे, ताकि जनता के स्वास्थ्य और जेब—दोनों की रक्षा हो सके।

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