टनकपुर/ सेना से अवकाश प्राप्त बंगाल इंजीनियर रेजीमेंट के अवकाश प्राप्त सूबेदार मानी चंद के निधन की सूचना से टनकपुर, बनबसा, खटीमा के पूर्व सैनिकों सहित क्षेत्र के लोगो में शोक की लहर है। बताया जा रहा है कि 81 वर्षीय मानी चंद विगत लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे थे। शनिवार के दिन तड़के 3:00 बजे के आसपास उन्होंने अंतिम सांस ली। श्री चंद अपने पीछे तीन पुत्रियां और दो पुत्रों का भरा- पूरा परिवार छोड़ गए।
पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष कैप्टन भानि चंद ने बताया कि 1965 और 1971 में भारत-पाकिस्तान के युद्ध में स्वर्गीय सूबेदार श्री चंद का किरदार बहुत ही सराहनीय रहा है। श्री चंद के छोटे भाई पूर्व कस्टम अधिकारी नेपाल निवासी गोपाल चंद, और दोनों पुत्र बनबसा सीएसडी कैंटीन में सेवारत हवलदार विनोद चंद और छोटे पुत्र लोहाघाट स्टेट बैंक प्रबंधक प्रमोद चंद ने उन्हें मुखाग्नि दी।
अपने परिवार के बीच सूबेदार मानी चंद
(फाइल फोटो)
स्वर्गीय श्री चंद के पार्थिव शरीर पर गौरव सेनानी कल्याण समिति पूर्व सैनिक संगठन टनकपुर- बनबसा के अध्यक्ष कैप्टन भानी चंद, जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी जिला चंपावत कर्नल उमेद सिंह के प्रतिनिधि हवलदार शंकर चंद ने पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इनके निधन पर मित्र देश नेपाल के पूर्व कस्टम अधिकारी गोपाल चंद, सीएसडी कैंटीन प्रबंधक नारायण दत्त पांडे, चिरंजीत सिंह, जंग बहादुर थापा, कैप्टन चंद्रशेखर गहतोडी, कैप्टन अमर सिंह अधिकारी, हवलदार जमन चंद, सूबेदार राजेंद्र चंद, नरपत सिंह धामी, जनक चंद, हरीश चिलकोटी, नारायण दत्त चिलकोटी, हरीश राजा, गिरीश जोशी, गोविंद चंद्र, रमेश चंद्र, प्रकाश भट्ट, हरिओम सेठी, दशरथ चंद्र, प्रेम चंद, दिनेश चंद, सहित क्षेत्र के लोगों ने शोक व्यक्त किया है।